मुंबई पुलिस ने हाल ही में गुजरात में एक ड्रग लैब का भंडाफोड़ किया, इस मामले का खुलासा कराने में एक कैब ड्राइवर की भूमिका सामने आई है, ड्रग्स सप्लाई करने वाली 26 साल की कैब ड्राइवर ने ही मुंबई पुलिस को गुजरात में मौजूद ड्रग लैब तक पहुंचाया था, जहां से वह नशीले पदार्थ लेकर आती थी, पुलिस ने ड्राइवर मुस्कान खान और ड्रग्स के धंधे के पुराने अपराधी और ड्रग्स बनाने वाले वजीउल कमाल चौधरी (56) को गिरफ्तार कर लिया है, साथ ही ड्रग लैब से 74 करोड़ रुपये की कीमत का 20 किलोग्राम लिक्विड मेफेड्रोन (MD) भी जब्त किया है,
मुंबई पुलिस ने बिछाया जाल
साकीनाका पुलिस की एक टीम को खान के बारे में टिप मिली थी और उन्होंने उस पर नजर रखी, मुस्कान अंधेरी-घाटकोपर लिंक रोड इलाके में रहती थी और साकीनाका में ड्रग्स सप्लाई करती थी, उसे 21 मई को 101 ग्राम एमडी के साथ पकड़ा गया, पुलिस ने बताया कि वह पिछले तीन सालों से ऐप-बेस्ड कैब ड्राइवर के तौर पर काम कर रही थी,
मुस्कान ने पहुंचाया ड्रग लैब तक
वह मुंबई के क्लबों में जाती थी, जहां उसकी मुलाकात चौधरी से हुई, पुलिस के मुताबिक, उससे ड्रग्स लेने के बाद वह उन्हें 30-40% मुनाफे पर बेच देती थी, डीसीपी दत्ता नलावडे की अगुवाई में पुलिस टीम ने खान से पूछताछ की, वह उन्हें गुजरात के नर्मदा जिले में एक ड्रग लैब तक ले गई, जहां एमडी बनाई जा रही थी, 26 मई को पुलिस ने ड्रग लैब पर छापा मारा और चौधरी को पकड़ लिया, लिक्विड एमडी के अलावा पुलिस को वहां केमिकल्स, फ्लास्क, हीटिंग मेटल्स और दूसरे उपकरण भी मिले,
एमडी बनाने में उस्ताद है चौधरी
पुलिस ने बताया कि चौधरी एमडी बनाने का तरीका जानता था, उसे 2001 में 21 क्विंटल चरस के साथ पकड़ा गया था और उसने अगले 10 साल यूपी के मुरादाबाद की जेल में बिताए, 2017 में डीआरआई ने उसे पालघर में 238 किलोग्राम एमडी के साथ गिरफ्तार किया था, जिसकी कीमत कई हजार करोड़ रुपए आंकी गई थी, वह 2023 तक ठाणे जेल में बंद रहा,जेल से बाहर आने के बाद उसने एमडी बनाना शुरू कर दिया,एमडी बनाने के बाद वह इसे खुद मुंबई के बाहरी इलाकों तक पहुंचाता था, जहां से अलग-अलग सप्लायर इसे ले जाते थे, पुलिस अब सप्लायरों की अगली कड़ी और इस ड्रग के अंतिम उपभोक्ताओं की जांच कर रही है।
