सबसे बड़ी चुनौती तब सामने आई जब पता चला कि आज डिजिटल जमाने में भी आरोपी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता, खोज के लिए आरोपी के सभी रिश्तेदार और घर के लोगों को बुलाकर काफी पूछताछ किया गया, लेकिन कोई संबंधी किसी भी प्रकार से सहयोग करने को तैयार नहीं थे, विशेष खोजबीन के दौरान हमे पता चला कि आरोपी शुभम कोरी इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करता है, फिर हमने एक महिला के नाम की फेक (फर्जी) अकाउंट इंस्टाग्राम पे बनाया और अपराधी शुभम कोरी से बातचीत (चैटिंग) शुरू किया,
हमने तैयार किया हानिट्रैप में फंसने के बाद आरोपी ने अपने रिश्तेदार का नंबर दिया काफी छानबीन के बाद पता चला कि आरोपी नाशिक में महाराणाप्रताप चौक के पास सिडको कालोनी में रहता है 12/7/2025 को आरोपी हाथ लगा, पीएसआई विकास शेलार ने अपने कार्य का जौहर दिखाते हुवे आरोपी शुभम कोरी को धर दबोचा और संबंधित मामले में आरोपी के ऊपर गुनाह रजिस्टर कर उचित कार्यवाही किए,
बातचीत के दौरान शेलार ने बताया कि यह केस बहुत उलझा हुआ था,मगर सीनियर सर का साथ और सहयोगी पुलिस अधिकारियों की मदद से इस आरोपी को हम पकड़ पाए,संतोष काकड़ ने जिम्मेदारी को नजर में रखते हुए महत्वपूर्ण कार्य किया, साथ में दत्तात्रेय वर्खंडे,उमेश सोयंके और बजरंग लानगे भी इस केस में शामिल थे।
