मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने शहर की फुटपाथों पर कथित तौर पर कब्जा जमाए अवैध बांग्लादेशी रेहड़ी-पटरी वालों को हटाने का साफ ऐलान कर दिया है, उन्होंने बुधवार को पदभार संभालते ही अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस और BMC की सामान्य बैठक में कहा कि फुटपाथ अब 'असली मुंबईयों' और टैक्स देने वालों के लिए उपलब्ध नहीं रह गए हैं, क्योंकि इन अवैध रेहड़ी-पटरी वालों ने कब्जा कर लिया है,उन्होंने वादा किया कि यह उनका सबसे पहला बड़ा काम होगा हॉकरों की पहचान कर उन्हें हटाया जाएगा, तावड़े ने कहा कि संबंधित विभागों को पत्र भेज दिए गए हैं और प्रशासन के साथ उनकी पहली बैठक इसी मुद्दे पर होगी।
अवैध रेहड़ी-पटरी पर सख्त कार्रवाई का प्लान
रितु तावड़े ने साफ किया कि अवैध बांग्लादेशी हॉकरों की जांच के लिए दस्तावेज जैसे आधार कार्ड की जांच की जाएगी, जिनके कागजात सही नहीं पाए जाएंगे, उन्हें हटाया जाएगा, उन्होंने कहा, "फुटपाथ मूल मुंबईयों के लिए हैं, टैक्सपेयर्स के लिए हैं, लेकिन अवैध बांग्लादेशी हॉकरों ने इन्हें कब्जा कर लिया है,रितु तावड़े ने कहा कि वह सरप्राइज चेकिंग भी करेंगी, सड़कों, गलियों, अस्पतालों और स्कूलों में अचानक जाकर असल हालात का जायजा लेंगी, इससे प्रशासन पर दबाव बनेगा और काम तेजी से होगा।
'कमजोर वर्ग के मरीजों के लिए अतिरिक्त फंड जुटाए जाएंगे'
मेयर रितु तावड़े ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की बात कही, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों के लिए अतिरिक्त फंड जुटाए जाएंगे, उन्होंने राजावाड़ी और पूर्वी उपनगरों के अन्य अस्पतालों को मिलाकर मेडिकल कॉलेज बनाने का पुराना प्रस्ताव फिर से आगे बढ़ाने की बात कही, बजट पहले से ही प्रावधानित था, लेकिन लागू नहीं हुआ, अब इसे लागू किया जाएगा।
गंभीर बीमारियों से पीड़ित गरीब मरीजों को आर्थिक मदद देने के लिए उन्होंने विभिन्न संगठनों से अपील की कि वे सम्मान समारोहों में खर्च होने वाली राशि मेयर रिलीफ फंड में जमा करें।
कचरा प्रबंधन को लेकर क्या बोलीं मेयर?
ठोस कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने पर जोर देते हुए तावड़े ने कहा कि गीले और सूखे कचरे का अलग-अलग प्रसंस्करण वॉर्ड स्तर पर किया जाएगा, इससे ट्रांसपोर्टेशन की लागत कम होगी और डंपिंग ग्राउंड पर बोझ घटेगा, विकेंद्रीकृत प्रोसेसिंग से शहर साफ-सुथरा बनेगा, वे शहर को स्वच्छ, सुरक्षित, विकसित और खूबसूरत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
