प्रमोशन को लेकर समीर वानखेड़े को केंद्र की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार, कहा- हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे

 

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के अधिकारी और पूर्व एनसीबी ऑफिसर समीर ज्ञानदेव वानखेड़े के प्रमोशन को लेकर दायर केंद्र सरकार की याचिका सोमवार (19 जनवरी, 2026) को खारिज कर दी है. यह याचिका दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें समीर ज्ञानदेव वानखेड़े के प्रमोशन को बरकरार रखा गया था. सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि वह इस फैसले में हस्तक्षेप नहीं करेगा. 

जस्टिस पीएस नरसिंह और जस्टिस आलोक अराढे की बेंच मामले पर सुनवाई कर रही थी. केंद्र सरकार की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) खारिज करते हुए बेंच ने कहा कि वह संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत इस फैसले में हस्तक्षेप करने के लिए इच्छुक नहीं है. कोर्ट ने कहा कि इस खारिज का किसी अन्य मामले पर कोई असर नहीं पड़ेगा.

दिल्ली हाईकोर्ट के 28 अगस्त 2025 के फैसले को लेकर यह एसएलपी दायर की गई थी, जिसमें सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) के आदेश को बरकरार रखा गया था. सीएटी ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि समीर वानखेड़े के प्रमोशन विवरण वाले सील बंद लिफाफे को खोला जाए और अगर यूपीएससी ने अनुशंसा की तो उन्हें जनवरी 2021 से एडिशनल कमिश्नर के पद पर प्रमोट किया जाए.

17 अक्टूबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र की रिव्यू पिटीशन खारिज करते हुए उस पर 20,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया. इससे पहले, जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने केंद्र सरकार के व्यवहार की आलोचना की थी और कहा था कि रिव्यू पिटीशन दाखिल करने से पहले सभी तथ्य सच-सच उजागर किए जाने चाहिए थे. दिल्ली हाईकोर्ट ने यह भी नोट किया कि केंद्र सरकार ने सीएटी की ओर से अगस्त 2025 में दिए गए आदेश का खुलासा नहीं किया, जिसमें समीर वानखेड़े के खिलाफ विभागीय कार्रवाई को रोकने का निर्देश था.

सीएटी ने दिसंबर 2024 में सरकार को आदेश दिया था कि सील बंद लिफाफा खोला जाए और यदि यूपीएससी वानखेड़े का नाम सुझाए, तो उन्हें जनवरी 2021 से एडिशनल कमिश्नर के पद पर पदोन्नत किया जाए. अब एसएलपी खारिज होने के बाद, सुप्रीम कोर्ट ने सीएटी और दिल्ली हाईकोर्ट के आदेशों की वैधता और सही होने की पुष्टि कर दी है और केंद्र सरकार की सभी स्तरों पर चुनौती को खारिज कर दिया है.

समीर वानखेड़े का नाम पहली बार तब चर्चा में आया था, जब 2021 के कॉर्डेलिया क्रूज ड्रग केस की छापेमारी की थी और इसमें कथित तौर पर अभिनेता शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान का नाम भी जुड़ा था. बाद में उन पर दुराचार और नकली जाति प्रमाण पत्र से जुड़े आरोप 

भी लगे थे.

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Niraj Sharma

नीरज शर्मा

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