मुंबई के मालाड पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले में दिल्ली से 40 वर्षीय स्पा और रेस्टोरेंट संचालक कैलाश अग्रवाल को गिरफ्तार किया है,आरोपी पर आरोप है कि उसने मालाड स्थित एक शेयर ट्रेडर से 5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी और खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताकर परिवार की हत्या की धमकी दी,जांच में सबसे बड़ा ट्विस्ट यह सामने आया कि आरोपी आरोपी खुद शिकायतकर्ता का भतीजा है।
धमकी भरे मैसेज से शुरू हुआ मामला
22 फरवरी को 62 वर्षीय शेयर ब्रोकर को मालाड वेस्ट में ऑफिस में एक इंटरनेशनल नंबर से व्हाट्सएप मैसेज आया,मैसेज में दावा किया गया कि भेजने वाला बिश्नोई गैंग का सदस्य है और 5 करोड़ रुपये न देने पर परिवार को मार दिया जाएगा,धमकी में परिवार के सदस्यों के नाम, यहां तक कि पोते की स्कूल रूटीन की डिटेल्स भी बताई गईं, जिससे ट्रेडर डर गया,दो दिन बाद आरोपी ने ट्रेडर के बेटे को और धमकी भरे मैसेज व वॉयस नोट भेजे,इनमें फिर 5 करोड़ की मांग की गई और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई।
पुलिस जांच में हुआ खुलासा
मालाड पुलिस ने मैसेज और वॉयस रिकॉर्डिंग की जांच की,शिकायतकर्ता को शक हुआ कि यह काम उनका भतीजा कैलाश अग्रवाल कर सकता है, क्योंकि वह परिवार की अच्छी जानकारी रखता था,कैलाश मूल रूप से राजस्थान का रहने वाला है और वर्तमान में गुरुग्राम (हरियाणा) में स्पा व रेस्टोरेंट चलाता है,जांच में पता चला कि वह भारी कर्ज और बिजनेस घाटे में था।
तकनीकी निगरानी से दिल्ली से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और दिल्ली से उसे गिरफ्तार कर लिया,गिरफ्तारी सोमवार को हुई,आरोपी ने परिवार की जानकारी का फायदा उठाकर गैंगस्टर बनकर धमकाने की साजिश रची ताकि जल्दी पैसा मिल जाए,जांच के अनुसार, कैलाश के बिजनेस में लगातार नुकसान हो रहा था,वह कर्ज के बोझ तले दबा था और तेजी से पैसा कमाने के लिए इस रास्ते पर चला,पुलिस का मानना है कि उसने बिश्नोई गैंग का नाम इस्तेमाल कर डर पैदा करने की कोशिश की, क्योंकि यह नाम देश में चर्चित है।
मामले की जांच जारी
मालाड पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर दुष्यंत चौहान, पीएसआई नीलेश बच्चाव और डिटेक्शन टीम ने यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिया,एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आगे की पूछताछ जारी है,जोन-११ के डीसीपी संदीप जाधव ने कहा कि हम जांच कर रहे हैं कि क्या आरोपी ने इसी तरह की फिरौती का शिकार किसी और को भी बनाया है या क्या,यह मामला परिवार के भीतर विश्वासघात और सोशल मीडिया के दुरुपयोग का एक गंभीर उदाहरण है,पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और ऐसी धमकियों की तुरंत शिकायत करने की अपील की है।
